इस ट्यूटोरियल में मिथिली अयंगर लाइब्रेरी में विविधता और समावेशन को बढ़ावा देने के आसान और व्यावहारिक तरीके साझा करती हैं। वह स्कूल समुदाय की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को मनाने के अपने अनुभव से सीख साझा करती हैं और बताती हैं कि कहानियों के माध्यम से पहचान और अपनापन जैसे विषयों पर सार्थक बातचीत कैसे शुरू की जा सकती है।

Keywords: माइथिली अयंगर, पुस्तकालय में विविधता, सांस्कृतिक विविधता, भाषाई विविधता, मातृभाषा दिवस, बहुभाषी कहानी-वाचन, समावेशी पुस्तकालय, ह्यूमन लाइब्रेरी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, विविध कथाएँ, छात्रों में सहानुभूति, पहचान और अपनापन, भाषा सर्वेक्षण, वैश्विक साहित्य, छात्र सहभागिता

इस ट्यूटोरियल में, हैदराबाद के रेनबो इंटरनेशनल स्कूल की गायत्री विस्सा बताती हैं कि कैसे लाइब्रेरी की गतिविधियाँ—जैसे नाटक, कहानी पर आधारित चित्र बनाना, और रचनात्मक लेखन—बच्चों की कल्पना, टीमवर्क और संवाद कौशल को बढ़ाती हैं।
उनकी रचनाएँ बच्चों की पत्रिकाओं में प्रकाशित करना उन्हें और प्रेरित करता है कि वे आत्मविश्वास के साथ पढ़ें, बनाएँ और अपने विचार व्यक्त करें।

Keywords: रचनात्मक आत्मविश्वास, कहानी आधारित नाटक, रचनात्मक अभिव्यक्ति, छात्र सहभागिता, कहानी निर्माण, चित्रांकन और लेखन, भूमिका निभाना, संचार कौशल, छात्र आवाज़, पुस्तकालय गतिविधियाँ, कल्पनाशील सोच, छात्र रचनात्मकता, छात्र कार्य का प्रकाशन, पठन प्रेरणा, सुरक्षित रचनात्मक वातावरण